2 साल के मासूम ने बचाई अपनी गर्भवती मां की जान,बना बहादुरी की मिसाल

माता पिता के लिए संतान दुनिया में सबसे बड़ी और कीमती चीज होती है। पूरी दुनिया में माता पिता का कर्ज कोई भी औलाद अदा नहीं कर सकती। इसके बावजूद एक बेटा अपने माता-पिता के लिए पूरी जिंदगी सब कुछ करने की ठान लेता है और बुढ़ापे तक उनका सहारा बनकर सेवा करता है।

आज आपको एक ऐसे ही मामले के बारे में बताते हैं जहां एक 2 साल के मासूम ने अपनी गर्भवती मां की जान बचाई। यह मामला सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन बिल्कुल सच है। आइए देखते हैं क्या है पूरा मामला और किस तरह इतने छोटे मासूम बच्चे ने अपनी मां की जान बचाई।

हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की जहां की रहने वाली एक महिला किसी कारणवश रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यह महिला अपने साथ 2 साल के बेटे को लिए हुए थी। जब महिला रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर पहुंचे तो फुट ओवर ब्रिज को पार करते समय गर्मी की वजह से बेहोश हो गई।

बेहोश मां के पास खड़ा 2 साल का मासूम मां को हिलाता रहा लेकिन इसके बाद भी उसकी मां नहीं होती तब वह बस में बैठ कर रोने लगा। थोड़ी देर बाद बच्चा अपनी मां के पास से उठकर मदद मांगने के लिए अपने नन्ने नन्ने कदमों से चलने लगा।

मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर नंबर एक पर बने जीआरपी थाने की तरफ बच्चा बढ़ने लगा। जब बच्चा सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था तभी एक महिला कॉन्स्टेबल की नजर उस मासूम पर पड़ी तब वह महिला कॉन्स्टेबल उस बच्चे के पास पहुंची। महिला कॉन्स्टेबल को अपने पास खड़ा देखकर उस नन्ही सी जान ने कांस्टेबल की अंगुली पकड़ ली और इसके बाद उसे अपने साथ ले जाने लगा। महिला कांस्टेबल बच्चे की इस चीज को देखकर उसके साथ साथ चल पड़ी और बच्चा उस महिला कॉन्स्टेबल को अपनी मां के पास तक ले गया। तब कॉन्स्टेबल ने देखा कि वहां एक महिला बेहोश पड़ी हुई है तो वह काफी सतर्क हो गई और दौड़ते हुए जीआरपी को बुला कर लाई।

महिला कॉन्स्टेबल को जैसे ही 2 साल के मासूम पकड़कर अपनी मां के पास लाया तब महिला कॉन्स्टेबल ने जीआरपी के जवानों को बुलाया और पानी मंगवा कर महिला के चेहरे पर छींटे मारे। लेकिन इसके बावजूद भी कोई फायदा नहीं हुआ और महिला बेहोश पड़ी थी। इसके बाद तुरंत ही जीआरपी के जवानों ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देकर एंबुलेंस बुलाई और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।

अस्पताल में महिला को भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि महिला 3 महीने की गर्भवती है और इसी वजह से ही गर्मी के कारण उसे बेहोशी छा गई। आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट ने बताया कि एक 2 साल के मासूम ने अपनी बहादुरी दिखाते हुए अपनी मां और उसके पेट में पल रहे बच्चे को बचा लिया। यह खबर लोगों में आग की तरह फैल गई जिसके बाद 2 साल के मासूम की काफी तारीफें की जा रही है।