सूरत: एक पिता ने दिया अपनी दो महीने की बेटी को अनोखा उपहार,देखे

जीवन की सबसे अनमोल कमाई होती है बेटियां। पापा की परी होती हैं बेटियां। घर की लक्ष्मी होती है बेटियां। बेटियां अपने पार्टनर में अपने पिता की छवि देखना चाहती हैं। एक पिता अपनी बेटी के लिए दुनिया की हर खुशियां लाने के लिए तैयार रहता है।

आज हम एक ऐसी ही पिता के बारे में जानेंगे, जिसने अपनी बेटी को एक अनोखा उपहार देकर किया सबको हैरान, हम बात कर रहें सूरत के सरथाना में रहने वाले ने व्यापारी विजय कथेरिया की जिसने अपनी बेटी के लिए खरीदा चांद पर जमीन। उनकी बेटी 2 महीने की हैं।

न्यूयॉर्क के इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री से खरीदी है, जमीन

आपको बता दे, यह जमीन उन्होंने न्यूयॉर्क के एक इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री से खरीदी है। यही पर से चांद पर जमीन खरीदारी होती हैं,और उसे रिलेटेड जानकारी प्राप्त होती हैं।

विजय कथेरिया ने अपनी बेटी को अमूल्य और अनोखा तोहफा दिया

विजय कथेरिया की बेटी का जन्म 2 महीने पहले हुआ था, जमीन खरीदारी करने से दो महीने पहले। जब विजय कथेरिया के घर एक नन्ही परी ने जन्म लिया तो उनके घर खुशियों का माहौल बन गया। विजय ने अपनी बेटी का नाम नित्या रखा है। जब विजय के घर में उनकी बेटी का जन्म लिए तब उन्होंने उसे एक अमूल्य और अनोखा तोहफा देना का सोचा। उसी को सोचते हुए उन्होंने उसके लिया चांद पर जमीन खरीदा।

पूरी जानकारी

विजय कथेरिया ने 13 मार्च को आवेदन किया एक ईमेल के जरिए इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री को चांद पर जमीन खरीदने के लिए। उपयुक्त जानकारी के मुताबिक जब इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री को जब विजय कथेरिया का ईमेल से आवेदन मिला। तो वहा से उनको कंपनी ने चांद पर 1 एकड़ जमीन खरीदने की आदेश दे दी है। उस कंपनी ने विजय से पूरी जानकारी देकर कानूनी कारवाई को पूरा किया।

यह पूरा काम ईमेल के जरिए शुरू से अंत तक पूरा हुआ, उसके बाद कंपनी द्वारा कानूनी दस्तावेज भी मेल भेज दिए गया हैं। अपनी ख्वाइश पूरी होने के बाद विजय बड़े खुश हैं, की उन्होंने अपनी बेटी को एक अनोखा उपहार दिया। सूरत में अभी सारे जगह विजय की चर्चा की जा रही है, और विजय कठेरिया ऐसा पहले इंसान हैं जिन्होंने अपने 2 महीने की बेटी को एक अनोखा उपहार दिया चांद पर जमीन खरीद कर।

विजय कथेरिया का परिवार

विजय कथेरिया सूरत के सरथाना में रहते हैं वहीं पर उनका व्यापार चलता हैं। वह सूरत के कांच के बहुत बड़े व्यापारी हैं। उनका परिवार मूल रूप से सौराष्ट्र के हैं।