तो इस तरह करते है किन्नर संभोग, जानकर हो जाएंगें हैरान

इसलिए आपका शैक्षिक और वैज्ञानिक ज्ञान बढ़ाने के लिए आज हम अपना ये आर्टिकल लिख रहे है। जिससे सिख कर आपको समाज में सबके साथ एक जैसा व्यवहार करने की प्रेरणा मिलेंगी। किन्नर भी हमारे समाज के एक हिस्सा ही है। इससे कुछ फर्क नही पढ़ता की वो हम से थोड़े अलग है। हमें उन्हे अपनाना चाहिए। इसके अलावा आपके मन में किन्नरो को लेकर जो भी जिज्ञासा उठती है उन्हे आज हम शांत करने वाले है। अपने इस लेख के माध्यम से तो आइये जानते है।

प्रशन-1ः हिजड़े के बच्चे पैदा कैसे होते है?

आपको शयद पता ना हो, कि किन्ररो का जनंनाग जन्म से मृत्यु तक एक जैसा ही रहता है। यानी हिजड़ो के जनंनाग कभी विकसीत नही होते, साथ ही किन्ररो के अदंर पुरुष और स्त्री दोनो के गुण एक साथ पायें जाते है। जिसकी वजह से ही वह अपने जनंनाग से किसी बच्चे को जन्म नही दे सकती है। इसी के साथ आपको बता दें कि अगर किसी के घर में बच्चा किन्नर पैदा होता है तो किन्नर समाज उस बच्चे पर अपना अधिकार समझ कर उस बच्चे को अपनी ही समाज में शामिल कर लेता है। इसी से उनका समाज विकसित होता है।

प्रशन-2ः बच्चा हिजड़ा क्यो पैदा होता है?

बच्चे का किन्नर के समान पैदा होने के पीछे यह कारण होता है कि, कोई भी बच्चा हिजड़ा तब पैदा होता है। जब उसकी माँ के गर्भधारण के दोरान रक्त और विर्य की मात्रा एक समान होती है, तो ऐसे में जननांग से बच्चा हिजड़ा ही पैदा होता है और वही अगर बात शास्त्रो की मानी जायें तो हिजड़ो की पैदाइश अपने पूर्व जन्म के गुनाहो की वजह से होती है। जी हां इसमें शास्त्रो का मानना यह हैं कि किन्नर जैसा जन्म पाना उनके पूर्व जन्म में किये गयें गलत कामो यानी गुनाहो का फल होता है। बाकी इनके जन्म के पिछे का साइटिफिक कारण भी हम आपको बता चुकें है।

प्रशन-3ः विज्ञान के अनुसार हिजड़े पैदा होने का क्या कारण है?

विज्ञान के अनुसार, हिजड़े के पैदा होने का कारण उनके हार्मोन और दिमाग की सरंचना ही सबसे बड़ा कारण होते है।

हमारे समाज में हिजड़ो को सही नजर से नही देखा जाता, यह हमारे सामज की एक बहुत कड़वी सच्चाई है। आप हमारे इस आर्टिकल से सीख सकते है। कि हमें सबसे साथ प्यार और एकता से पेश आना चाहिए। हर एक इंसान को एक दुसरे का आदर करना चाहिए।

प्रशन-4ः किन्रर संभोग कैसे करते है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि सभी हिजड़े व किन्नर योनी और लिंग का बहुत कम उपयोग करते है। और उनके संभोग करने के तरिके साधारण तरिके से अलग होते है। आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी कि वे लोग गुदा मैथुन, मुख मैथुन और एक दूसरे को छुकर ही आनंद उठाते है। और भी कई सारे तारिके होते है जिनसे वे आनंद उठाते है।