माता के इस मंदिर में हुआ चमत्कार, अचानक उभरे लाल रंग के पैरों के निशान, दर्शन को उमड़ रहे भक्त

देश भर में ऐसे बहुत से देवी-देवताओं के मंदिर हैं, जो अपने किसी ना किसी विशेषता और चमत्कार के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों के प्रति लोगों की अटूट आस्था जुड़ी हुई है, जिसके चलते मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे बहुत से मंदिर हैं जिनके बारे में ऐसा बताया जाता है कि यहां पर दर्शन करने वाले भक्तों के जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसी वजह से दूर दराज से लोग भक्त अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।

वैसे देखा जाए तो देशभर में छोटे से बड़े तक, बहुत से मंदिर हैं। आपको हर गली में कोई न कोई मंदिर देखने को जरूर मिल जाएगा, जहां पर लोग जाकर भगवान के दर्शन और उनकी पूजा आराधना करते हैं। देश के कई मंदिरों में ऐसे चमत्कार भी देखने को मिलते हैं जिन पर लोगों को विश्वास करना काफी मुश्किल हो जाता है।

आज इसी बीच हम आपको एक ऐसे माता मंदिर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जहां पर एक चमत्कार देखने को मिला है। जी हाँ, माता रानी के इस मंदिर में अचानक ही लाल रंग के पैरों के निशान उभरे हैं, जिसके बाद से ही दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

दरअसल, हम आपको जिस मंदिर के बारे में बता रहे हैं यह मंदिर शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र के ग्राम कमालपुर के ग्राम बिजासन माता मंदिर है, जहां पर उभरे लाल रंग के पैरों के निशान कौतुहल का विषय बन गए हैं। आप चाहे इसे आस्था कहे या फिर अंधविश्वास, लेकिन जैसे ही यह घटना सामने आई ग्रामीण मंदिर में दर्शन करने के लिए उमड़ रहे हैं। बहुत से लोग ऐसे हैं जो इसको चमत्कार बता रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने फ़िलहाल किसी भी प्रकार की धारणा नहीं बनाई है।

आपको बता दें कि ग्राम कमालपुर के इमली वाले हनुमान मंदिर के पास ही में बिजासन माता मंदिर स्थित है, जहां पर पैरों के निशान दिखने की यह घटना सामने आई है। गांव वालों का मानना है कि यह चमत्कार है। माता रानी के इस मंदिर में रविवार के दिन लाल रंग के पैरों के निशान नजर आए। ग्रामीणों का मानना है कि यह पैरों के निशान माता के हैं, क्योंकि शाम के समय मंदिर में पुजारी ताला लगा देते हैं और शनिवार की रात को भी ऐसा ही हुआ था।

जब पुजारी अतुल उपाध्याय ने अगले दिन सुबह आकर पूजा पाठ करने के लिए मंदिर का दरवाजा खोला तो उनको अंदर पैरों के लाल रंग के निशान नजर आए, जिसके बाद तुरंत ही इसकी सूचना उन्होंने ग्रामीणों को दे दी थी। जैसे ही ग्रामीणों को इस घटना की सूचना मिली, भारी संख्या में मंदिर के अंदर पैर के लाल निशान देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई।

ग्रामीण इसे माता के प्यार के निशान ही मान रहे हैं परंतु अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। बता दें कि कुछ ग्रामीणों का ऐसा बताना है कि इस तरह के पैरों के निशान अचानक कहां से आ गए, यह माता की आस्था है। तो कुछ लोग फिलहाल घटनाक्रम पर कोई धारणा नहीं बना रहे हैं। इस मंदिर के पुजारी अतुल उपाध्याय का ऐसा बताना है कि रविवार को मंदिर के गर्भ गृह की और यह निशान देखने को मिले।